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शादी: महिला अत्याचार की सच्ची कहानी।

  Disclaimer: मेरा लेख का किसी धर्म , जाति और संप्रदाय से कोई लेना देना नहीं है क्योंकि जिसको भी या जिस भी धर्म , जाति और संप्रदाय को जब भी मौका मिला है उसने महिलाओं के शोषण की कोई कसर नहीं छोड़ी है। क्यों और कैसे वह आप आगे स्वयं पढ़ेंगे भी और जानेंगे भी वैसे यदि कोई उदाहरण याद आया हो तो पास रखना और कोशिश करना कि आप कभी भी किसी स्त्री पर उसे व्यवहारिक रूप से सजीव न करें। पर हां इस लेख का संबंध हर एक जीवित और मृत व्याहता से है जिसने एक दो या जितनी भी बार व्याह किया हो ( आख़िर उसकी मर्ज़ी की भी कोई कदर करो)। शादी व्याह , यूं तो बहुत किस्म के हैं पर हम यहां आज के चलन के अनुसार मैं दो किस्म के विवाह की ही बात करूंगा । १. Love Marriage/ प्रेम विवाह २. Arrange Marriage/ व्यवस्था विवाह युवाओं को तवज्जो देते हुए पहले हम प्रेम विवाह / love marriage की बात करेंगे जिसमें आज कल न प्रेम है और न love । Every love affair is a failure, without exception~ osho मैंने ओशो को quote इसीलिए किया ताकि मैं यह कह सकूं कि मैं उनके इस विचार से सहमत नहीं हूं क्योंकि अब इस विचार पर ...

प्रियतम्

अरुणिमा तेज नहीं मुख पर ,  न आँखों के साहिल पर काजल की माया , फिर भी ऐसा क्या है तुझमें प्रियतम जो मेरे मन को भाया ? भायी मुझे तेरे स्नेह तरूवर की अनुहार , वो मधुयुक्त मधुशब्दों की मृदु फुहार , वो चंचल मुस्कान अचंभित , वो शब्दघटा करती मुझको मुदित , कठपुतलियां पुतलियां बनती नैनों की , डूबता था मैं सांझ पर ही ,  दिखलाई छैल छबीली छवि रैनों की , वो व्याकुलता से संदेशों का इन्तज़ार , वो हंसना रूठना तेरा मेरे हृदय के भाव सागर में उठता लहरें अपार , स्वप्न और मृगतृष्णा की यह कैसी पहेली रच डाली , बुझी तो फिर भी मेरे मन ने यह व्यथा कह डाली , क्या तुम नगरी कोई स्वप्नों की ,  कोई मृगतृष्णा या कोई माया... ऐसा क्या है तुझमें प्रियतम जो मेरे मन को भाया  ?